अंग्रेज़ी में एक कहावत है लव मी लव माई डॉग बोले तो अगर हमको प्यार करता है तो हमारे कुत्ते को भी प्यार करने को मांगता है। इसी का हिन्दी संस्करण है:
पेड़ प्यारा, पेड़ का पत्ता प्यारा
लैला तू प्यारी तेरा कुत्ता प्यारा
एक सूबे में जब शादी की पार्टी (बारात) वधू के घर पहुंची तो वधू पक्ष ने ऐहितियातन कुत्ते को 'लीश' से बांध दिया ताकि वह इतने सारे लोगों का हुजूम देख विचलित न हो जाये और बारातियों को परेशान न करे। कुत्ता भाईसाब को सब मंजूर था मगर इस तरह 'लीश' से एक जगह बांध देना कतई मंजूर नहीं था। खासकर जब उसे यह लग गया कि यह पनिशमेंट के तौर पर उसको बांधा गया है। यह तो वैसे ही है जैसे कोई वी. आई. पी. मूवमेंट हो तो हिस्ट्री शीटर्स को पुलिस पकड़ कर हवालात में डाल देती है।
कुत्ते ने ये ज़ुल्म खामोशी से नहीं सहा बल्कि उसने विरोधस्वरूप वही किया जो सभी कुत्ते ऐसी हालत में करते। अर्थात अनवरत भौंक भौंक कर वह अपना विरोध रजिस्टर करता रहा। जब कुछ रस्में रह गईं तो कुत्ते महोदय के सब्र का दामन छूटने लगा। उनसे पहले बारातियों में से कुछ लोगों के सब्र का बांध टूट गया और उन्होने बेचारे 'लीश' से बंधे कुत्ते की पिटाई कर दी। यह सब वधू से देखा न गया। सही भी है। उनके घर का तो वो सदस्य जैसा रहा होगा। हो सकता है। वधू का प्रिय हो। इस पर कहा-सुनी शुरु हो गयी। अब वर पक्ष कुत्ते के साथ हुई इस मारपीट को सही ठहराने लगे। बोले तो माफी- वाफ़ी मांगना दूर वो तो पिटाई को जस्टीफ़ाई करने लग पड़े।
यह देख-सुन कर वधू पक्ष के कुछ लोगों का क्रोध उबाले मारने लगा। बस फिर क्या था वधू पक्ष के लोगों ने उन लोगों को कूट दिया जिन्होंने प्यारे टाॅमी को मारा था। पीछे से टाॅमी और एन्करेज कर रहा था अपनी भौं भौं से। कुत्ते के कूटने वालों की ऐसी कुटाई के बाद वातावरण कुछ भारी भारी हो गया। वधू ने एक बात सोची कि यदि ये पार्टी इतनी इंसेंसिटिव है, इतने हृदयहीन हैं तो आगे ऐसे लोगों से निबाह कैसे होगा। उसने तुरंत तभी के तभी ऐलान कर दिया कि वह यह शादी ही नहीं करेगी। और वर पक्ष को यह बात बता कर जाने के लिए कह दिया गया। अब वे सॉरी सॉरी करते रहे, पर वधू ने अपना मन बना लिया था। नो रिव्यू । कहते हैं न सीधे जाकर काट ही लिया। असल में दुनिया दो भाग में विभाजित है एक 'डॉग लवर्स' और दूसरे 'डॉग हेटर्स'। अब डॉग लवर्स और डॉग हेटर्स में कैसे जीवन भर का बंधन बना लिया जाये। वैसे वधू यदि विवाह कर लेती और उसके बाद जो ये मारपीट करने वाले लोग थे उनको देख लेती। और उनकी ऐसी खबर लेती कि कुत्ता बना कर ही छोड़ती। यह सब देख दूल्हा बेचारा तो जितने कहो उतने कुत्ते पाल लेता/गोद ले लेता। मैं एक परिवार को जानता हूँ जहां बेटा एक कुत्ते को पालना चाहता था, मगर माता-पिता सब मना करते रहे। कारण कि वे डॉग लवर्स नहीं बल्कि डॉग हेटर्स थे। तब बेटे को कुछ कंडीशन के साथ अनुमति मिली कि कुत्ता बाहर आँगन में रहेगा। घर के अंदर प्रवेश नहीं करेगा। थोड़े दिन बाद यह हुआ की वह घर के अंदर आ सकता है मगर माता जी के कमरे में नहीं घुसेगा। लास्ट रिपोर्ट मिलने तक यह खबर ये थी कि वह 'मम्मी' के साथ उनके बैड पर ही सोता है।