पहले आप ये जान लें कि जब बड़े आदमी
कुछ.बोलते हैं.उसके बहुत गहरे अर्थ होते हैं। जरुरी नहीं कि वह हमारी-आपकी समझ में
तभी के तभी आ ही जाये। कई बार बरसों लग जाते हैं। आपने ऐसे लोग देखे होंगे जो
सोमवार को नॉन वैज़ नहीं खाते फिर वो देखे होंगे जो मंगलवार को नहीं खाते गो कि हर
एक का कोई न कोई दिन होता है जब वह इन चीजों से परहेज करता है। इस परहेज के चक्कर
में,
मैं एक ऐसे शख्स को जानता हूँ जो मंगलवार को रात के बारह बजे तक
प्रतीक्षा करके बारह बज कर एक मिनट पर छक के पीना शुरू कर देता था। इसी श्रंखला
में एक सज्जन ऐसे थे जो मंगलवार का पूर्ण व्रत रखते थे। जब किसी ने पूछा कि आप तो
कम्यूनिस्ट हैं आप भी ये सब मानते हैं ?
उनका जवाब था मैं
हेल्थ रीज़न्स से एक दिन का व्रत रखता हूँ अब मैं किसी दिन का भी व्रत रखता लोगों
ने कुछ न कुछ कहना ही था। किसी देश में जब आठ अक्षरों की आइस क्रीम (Ice
cream) से होने वाली गंदगी (आइस क्रीम की डंडी, पेपर कप इधर उधर पड़े रहते थे) से कैसे निपटें इस पर ब्रेन स्टाॅर्मिंग हो
रही थी आप जानते हैं ब्रेन स्टाॅर्मिंग के दो सिद्धान्त हैं एक, आपके पास ब्रेन होना चाहिए दूसरे, आप किसी भी सुझाव
पर हँसेंगे नहीं अर्थात उसका उपहास नहीं करेंगे। तभी यह संभव हो पाया कि क्यों न
ऐसी आइस क्रीम बनाई जाये जिसके कंटेनर को भी खाया जा सके और इस तरह कोन वाली
(साॅफ्टी) की शुरुआत हुई।
अंकों में अंकेन्द्र आठ है। देखिये क्यों कि
मेरा ये लेख आठ की प्रशंसा में है अतः मैं यह बताना जरूरी समझता हूँ कि आठ जैसा
कोई दूसरा अंक नहीं। अन्यथा ये शराब वाले '8 पी.एम.'
नाम से शराब नहीं चलाते। यहाँ पी.एम. का अर्थ रात्रि के पहर से है।
कृपया पाठक अन्यथा न समझें। कहते हैं कि भारत में सार्वाधिक जूता आठ नंबर का चलता
है। अर्थात अधिकतर के पैर का साइज़ आठ नंबर है। हमारी माइथाॅलाॅजी में अष्टावक्र का
ज़िक्र मिलता है जिनका शरीर आठ जगह से मुड़ा-तुड़ा था, असल में
उनका नाम इसीलिए अष्टावक्र पड़ा था। कहते हैं ईश्वर ने दुनिया छह दिन में बना दी थी
सातवें दिन गाॅड ने केवल विश्राम किया था। बोले तो आठवें दिन गाॅड ने क्या किया ?
यह आज तक पता नहीं चला। आठ अंक का यही रहस्य है। यही अनसुलझी पहेली
है।
न्यूमरोलाॅजी में आठ का अंक शनि का प्रतीक माना
गया है। अब भाई शनि से कौन नहीं डरता। जो नहीं डरता था उसे वैसे डरा दिया गया है।
शनि से डराने के अनेकानेक रूप हैं यथा शनि की ढैया, शनि
की साढ़े साती। बच्चू अब कहाँ तक दौड़ लगाओगे। नौ दिन में चले अढ़ाई कोस...यहाँ भी
शनि की ढैया है। एक दिन में आठ पहर होते हैं आपको पता है ना। यूं कहने को दिशाएँ
भी आठ ही होतीं हैं मगर ऊपर आकाश की ओर और नीचे पाताल को ओर इंगित कर इन्हें दस
बनाया गया है। साष्टांग प्रणाम आप सुने ही होंगे। बोले तो जब मस्तक, दोनों हाथ, वक्ष, दोनों घुटने,
दोनों पैर शामिल हों अतः जब कोई बड़ा आदमी आठ की बात करे तो ध्यान से
सुनना चाहिए। पढ़ाई लिखाई वालों ने भी कुछ सोच समझ कर ही आठवीं क्लास को बोर्ड की
परीक्षा बनाया था। हमारी बात छोड़िए हम उस पीढ़ी के हैं की हमने तो पांचवीं भी बोर्ड
दिया था। बाई दि वे, हमारी ही नहीं बल्कि जापानी और चीनी
संस्कृति में भी आठ का बहुत धार्मिक महत्व है। माइंड इट। आठ एक पूर्ण अंक है। आपने
कभी इसकी फिगर पर गौर किया है। एक दम कंप्लीट। कहीं कोई लूज एंड नहीं। दूर से देखो
तो बिलकुल हम्पटी-डम्पटी मालूम देता है बस एक हैट की कसर है। हमें आज़ादी भी आठवें महीने में मिली थी। संगीत के आठ लय, आठ तत्व
होते हैं।
जिन्हें न पता हो उनकी मालूमात के लिए बता दूँ कि भारत के
स्वतत्रता संग्राम में इस आठ के अंक का बहुत बड़ा महत्व है।
क्विट इंडिया मूवमेंट (अंग्रेज़ो भारत छोड़ो) की शुरुआत
आठवें महीने की आठ तारीख को ही हुई थी। इसी प्रकार
अंतराष्ट्रीय महिला दिवस भी आठ तारीख को ही मनाया
जाता है। आठ मार्च को। आठ के गुणगान में अब और क्या
कहूँ? मेरे नाम में ही देख लो आठ अक्षर हैं (इंगलिश के)
क्या 'हिन्दुत्व' क्या 'सनातनी' सब आठ लैटर से मिल कर
बने हैं। अतः कृपया आठ का अथवा इससे संबन्धित अंक
गणित का मज़ाक ना उड़ाया जाये। यूं भी अंकगणित हर
किसी के बस की बात नहीं। सबसे ज्यादा आठ अक्षर से
चलने वाली 'कोचिंग' भी इसी विषय की होती है। अब मेरा
आठ लैटर का
'जय राम जी' स्वीकार करें।
