Ravi ki duniya

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Friday, February 20, 2026

व्यंग्य : कुत्ता पूर्णतः भारतीय है

 

                                  

 

कुत्ते लोग आजकल फुल-फुल न्यूज़ में हैं। कभी वे काटते हैं, कभी वे डराते हैं। कभी सुप्रीम कोर्ट उनके केस पर सुनवाई करती नज़र आती है। कुत्तों के नाम से देश में न जाने कितने एन.जी.ओ. चल रहे हैं। कुत्तों के क्लीनिक चल रहे हैं। कुत्तों की दवा, कुत्तों के इंजेक्शन कितने महंगे-महंगे मिलते हैं। कुत्ता-लवर का कुत्ता जब बीमार होता है तो मालिक की हालत देखने लायक होती है। रूआँसा हो बताते हैं "ये कितना सैड सैड फील कर रहा है। खाना नहीं खा रहा है। पूरी रात चिल्लाता रहा है।"

 

भारत मंडपम में कुत्ते को लेकर कोई कंट्रोवर्सी हुई बताते हैं। इसकी कोई ज़रूरत ही नहीं थी। कुत्ता 100 % भारतीय पशु है। हमारी पौराणिक कथाएँ कुत्तों के वर्णन से भरी पड़ी हैं। क्या  कोई भी देश ऐसा कोई ऐसा दावा कर सकता है ? हरगिज़ नहीं। देखिये युधिस्टरअपने साथ कुत्ते को भी स्वर्ग में साथ ले जाने की ज़िद पर अड़ गए थे। कुत्ते के चलते उन्होने स्वर्ग ठुकरा दिया था और शर्त रख दी थी या तो ये कुत्ता मेरे साथ स्वर्ग भोगेगा अन्यथा मुझे स्वर्ग भी मंजूर नहीं। क्या किसी देश के पास है ऐसा या इससे पुराना कोई उद्धरण ?

 

कुत्ते की पूंछ में लाइट लगा देने से या उसके सिर पर कैमरा लगा देने से वह कुत्ता विदेशी नहीं हो जाता। क्या कोट-टाई पहनने से हिंदुस्तानी जो है सो अंग्रेज़ नहीं हो जाता। वह रहता इंडियन ही है। उसकी आदतों और मैनरिज़्म देखें, आपको यकीन आ जाएगा। हमारे यहाँ कुत्तों का ज़िक्र दोहों में भी मिलता है। याद है “...श्वान निद्रा....” इसमें छात्रों से आव्हान किया गया है कि पढ़ने वाले की नींद कुत्ते की नींद के माफिक होनी चाहिए।

 

हमारे सामाजिक जीवन में कुत्तों को लेकर पहले भी बहुत सारी कहावतें, मुहावरे और लोकोक्तियाँ हैं। धोबी का कुत्ता घर का ना घाट का, कुत्ते सी ज़िंदगी जीना, कुत्ते की तरह भौंकना। कुत्ते की तरह पीछे पड़ जाना। कुत्ते को घी नहीं पचता। राम जी का कुत्ता। कुत्ता बना कर रखा हुआ है। हमारे यहां स्वामीभक्त कुत्ते भरे पड़े हैं। हमने कुत्तों को पूरी-पूरी आज़ादी दे कर रखी है। जहां मर्ज़ी घुस जाओ। जिसे मर्ज़ी काटो। हाल ही में दिल्ली के एक स्टेडियम में देसी कुत्तों ने विदेशी कोचों को काट लिया।

 

कुत्ते का देश बदल जाने से कुत्ता विदेशी नहीं हो जाता। वह रहेगा भारतीय ही। अपनी आत्मा से भी और अपनी आदतों से भी। आपने कुत्तों के पार्लर नहीं देखे हैं। कुत्तों के शैम्पू, कुत्तों की क्रीम, टाॅनिक्स, कुत्ता ब्रीडिंग, कुत्तों के फ्लोरेसेंट काॅलर, कुत्तों का विशिष्ट भोजन, हड्डी, पेडिग्री, जी.पी.एस. कुत्तों के जूते, कुत्तों के सोफ़े, बैड, पता नहीं और क्या क्या। आप कह रहे हो कुत्ता विदेशी है। कुत्ता हम भारतीयों का है। अभी इन्सानों का एस.आई.आर. और सिटीजनशिप का मामला तो किसी सिरे पहुंचा नहीं अब आपने उसमें कुत्ता भी जोड़ दिया। कुत्ते को आप कहीं भी ले जाओ चाहे जापान चाहे चीन वह रहेगा मूलतः भारतीय। मेरा सरकार से अनुरोध है कि कुत्ते को एक अध्यादेश के द्वारा राष्ट्रीय पशु घोषित कर दिया जाये, या फिर डिप्टी राष्ट्रीय पशु घोषित करा दो। अगर वह भी मुमक़िन ना हो तो कमसेकम दो-चार राज्यों  का राज्य-पशु ही घोषित करा दो। इससे हमारा कुत्ता हमारे पास ही रहेगा, दृष्टांत रहेगा और कुत्ते को भी कुत्ते सी ज़िंदगी से थोड़ा रिलीफ़ मिलेगा।

 

 

हम कुत्ते एक चॉल के....  संग-संग डोलें... जी संग-संग डोलें !

 

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