Ravi ki duniya

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Tuesday, October 13, 2026

शर्मिला टैगोर- एक एवरग्रीन स्टार आर्टिस्ट

                                     



शर्मिला टैगोर जी का जन्म 8 दिसंबर 1944 को कानपुर में हुआ था, उनके पिता का नाम गीतिंद्रनाथ टैगोर और मां इरा बरुआ टैगोर थीं। उनके पिता एक ब्रिटिश इंडिया काॅर्पोरेशन (टैक्सटाइल) कंपनी में महाप्रबंधक (जी.एम.) थे।

2. उनके पिता गीतिंन्द्रनाथ टैगोर गगनेंद्रनाथ टैगोर के पोते थे, जिनके पिता गुनेन्द्रनाथ टैगोर नोबल पुरस्कार विजेता टैगोर के (कजन) चचेरे भाई थे।

3. शर्मिला टैगोर की नानी लतिका बरुआ टैगोर नोबल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर के भाई द्विजेंद्रंनाथ टैगोर की पोती थीं। शर्मिला के नाना ज्ञानदाभिराम बरुआ, अर्ल लॉ कॉलेज (अब गवर्नमेंट लॉ कॉलेज, गुवाहाटी ) के पहले प्रिंसिपल रहे थे।

4. शर्मिला टैगोर तीन बहनें थीं। सबसे बड़ी शर्मिला (रिंकू) दो छोटी बहनें, स्वर्गीय ऑइंद्रिला कुंडू (टिंकू) और रोमिला सेन (चिंकी)। ओइंद्रिला फिल्म में अभिनय करने वाली परिवार में पहली थीं। उन्होंने एकमात्र भूमिका निभाई वह थी फिल्म ‘काबुलीवाला’ 1957 में ‘मिनी’ की भूमिका थी। यह तपन सिन्हा की काबुलीवाला में बाल-भूमिका थी, जो कथानक का केंद्रीय चरित्र है।

5. ऑइंद्रिला (टिंकू) एक अंतरराष्ट्रीय ब्रिज खिलाड़ी थीं। उनका विवाह दिलीप कुंडू से हुआ था। नवंबर 1991 में टिंकू की 40 साल की अल्प आयु में मृत्यु हो गई। उनकी एक बेटी मृणालिनी (मिनी) और एक बेटा मिकी है।

6. दूसरी बहन, रोमिला सेन, (चिंकी) बैंगलोर में बस गई हैं, उनके पति स्वर्गीय निखिल सेन थे, जो एक कॉर्पोरेट हैड थे। वे कई वर्षों तक ‘ब्रिटानिया’ के हैड के रूप में कार्य किया और बाद में ‘यूनिबिक फूड्स’ की स्थापना की। वह सुपर मॉडल नंदिनी सेन के भाई थे। निखिल सेन का फरवरी 2019 में निधन हो गया। चिंकी ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ से जुड़ी हुई हैं।

7. शर्मिला ने सेंट जॉन्स डायाॅसेसन गर्ल्स हायर सेकेंड्री स्कूल और लाॅरेटो कॉन्वेंट, आसनसोल में पढ़ाई की। उन्होंने अपनी फिल्मी कैरियर की शुरुआत तब की जब वे मात्र 13 वर्ष की स्कूली छात्रा थीं।

8. शर्मिला टैगोर ने माणिक दा (सत्यजीत रे) की 1959 की बांग्ला फिल्म ‘अपूर संसार’ में एक अभिनेत्री के रूप में अपना कैरियर शुरू किया।

9. जब वे ‘एन ईवनिंग इन पेरिस’ 1967 की पेरिस में शूटिंग कर रहीं थीं तब नवाब पटौदी उनसे मिलने गये ओर उन्होंने लंदन में अपनी माता जी साजिदा सुल्तान से मिलवाया। उनकी वुड बी मदर-इन-लाॅ ने इस्लाम अपनाने की शर्त रखी। शर्मिला टैगोर ने शर्त मान ली और अपनी शर्त रख दी कि वे फिल्मों में काम करना जारी रखेंगी। उन्होंने 27 दिसंबर 1968 को पटौदी के नवाब मंसूर अली खान से शादी की। निक़ाह के लिए बेगम आयशा सुल्ताना नाम अपनाया गया। नवाब पटौदी की 22 सितंबर 2011 को मृत्यु हो गई। उन्हें उनके पटौदी स्थित महल के प्रांगण में दफनाया गया।

10. शर्मिला टैगोर आजकल दिल्ली में रहतीं हैं। उनके एक बेटा और दो बेटियां हैं। सैफ (1970) एक अभिनेता हैं, सबा खान (1976) आभूषण डिजाइनर हैं। और सोहा खान (1978) एक अभिनेत्री और टी.वी. होस्ट हैं। सोहा खान ने एक्टर कुणाल खेमू से विवाह किया है। सैफ ने रुखसाना सुल्ताना की बेटी अमृता सिंह से विवाह किया था। अमृता के पिता शिवेंद्र सिंह वर्क विख्यात लेखक खुशवंत सिंह के परिवार से थे। सैफ ने पुन: विवाह लोकप्रिय अभिनेत्री करीना कपूर से किया।

11. शर्मिला टैगोर की फिल्मोग्राफी से पता चलता है कि उन्होंने अब तक 100 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया है। इसमें बांग्ला, हिंदी की फिल्में शामिल हैं।

12. हिंदी फिल्म जगत में शर्मिला टैगोर ने शक्ति सामंत की ‘कश्मीर की कली’ 1964 से किया। उनकी लेटेस्ट 2025 की फिल्म ‘पुरावतन’ है। ‘कश्मीर की कली’ में उनके नायक थे शम्मी कपूर। जो नई-नई नायिकाओं को लांच करने के लिए जाने जाते रहे हैं।

13. शर्मिला टैगोर बहुमुखी प्रतिभाशाली अभिनेत्री रही हैं। उनका अभिनय एकदम जीवंत और ‘कन्विंसिंग’ रहता है। उन्होंने सदैव अपनी भूमिका के साथ न्याय किया। उन्होंने अतने दौर के सभी टाॅप कलाकारों के साथ काम किया जैसे धर्मेंद्र, राजेश खन्ना, शम्मी कपूर, शशि कपूर, उत्तम कुमार, संजीव कुमार, जाॅय मुखर्जी, देव आनंद, दिलीप कुमार, अमिताभ बच्चन, राजेंद्र कुमार, सौमित्र चटर्जी, सुनील दत्त, मार्क जुबेर के साथ कीं। उन्होंने एक से बढ़ कर एक हिट फिल्म दी।

14. उन्हें फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार 1969 की फिल्म ‘आराधना’ के लिए मिला।

15. अक्टूबर 2004 से मार्च 2011 तक वे केंद्रीय फिल्म सेंसर बोर्ड की अध्यक्ष रहीं।

16. दिसंबर 2005 में वे यूनिसेफ की ‘गुडविल एम्बेसडर’ नामित हुईं।

17. 2013 में शर्मिला टैगोर को पद्म भूषण से नवाजा गया।

18. फिल्म ‘मौसम’ 1975 के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला।

19. फिल्म ‘अबर अरेण्य’ के लिए राष्ट्रीय फिल्म सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार 2003 में मिला।
20. फिल्मफेयर का ‘लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड’

21. इंटरनेशनल कान फिल्म महोत्सव 2009 में वे जूरी सदस्य रहीं।

22. इंटरनेशनल मैक्स (सौंदर्य प्रसाधन) के निदेशक मंडल में निदेशक।

23. न्यूयॉर्क में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार 2025 (‘पुरावतन’ के लिए)

24. बाॅलीवुड ‘वाॅक ऑफ दि स्टार्स’ बैंडस्टेंड, बांद्रा, में भारत के विख्यात कलाकारों में उनको शामिल किया गया है। उनकी हथेली के निशान, नाम और सिगनेचर उकेरे गये हैं।

25. शर्मिला टैगोर ने बांग्ला की 25 फिल्में, 2 मराठी की, एक-एक मलयालम और अंग्रेजी की फिल्में की हैं। उनकी फिल्मों की संख्या 100 से ऊपर है।
                                                                   


उनके अभिनय के लोग कायल हैं। वे प्रतिभाशाली, खुशमिजाज के व्यक्तित्व की मालकिन हैं। उनके आज भी करोड़ों फैन हैं। यह आश्चर्य की बात है कि अभी तक उन्हें न तो दादा साहब फाल्के सम्मान मिला है न ही संसद की सदस्यता और न ही पद्म विभूषण। शर्मिला टैगोर एक बेहतरीन कलाकार हैं। वे एक ऑल टाइम स्टाइलिश फिल्म स्टार ही नहीं एक नफीस फिल्म आर्टिस्ट भी हैं। अपने कैरियर और ज़िन्दगी की इस स्टेज पर उन्हें दिया गया कोई भी एवार्ड, कोई भी सम्मान उनसे कहीं ज्यादा खुद उस ‘एवार्ड’ का सम्मान होगा। 

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