(प्रस्तुत है सन् 2026 के एक स्वयंवर का दृश्य। स्थान है एक सांभ्रांत सोसायटी, हरे-हरे जंगलों की हरियाली के बीच आपको तो पता है सावन के अंधे को सब हरा हरा ही दिखता है। सभी पात्र, अपात्र, कुपात्र व्यक्ति अपने आपको योग्यतम/उपर्युक्त लाइफ पार्टनर बता रहे हैं। कुछ तो कह रहे हैं कि लाइफ पार्टनर ना सही लिव-इन-पार्टनर ही बना लो।ये जान तो वैसे भी जानी है हम एन.सी.आर. के जाँबाज हैं । प्रदूषण से मरना है या डॉली के प्यार रूपी आभूषण से ? लाइफ आपकी .... चाॅइस आपकी)
[ दृश्य: नायिका आधुनिक
वस्त्रों में पर्स हिलाती-डुलाती चहलकदमी कर रही है। ग्रीनवुड का नायक नंबर वन का
प्रवेश]
नायक:
(टाई पहने/ लैपटॉप का बैग उठाए) हाय ! हम शायद पहले मिले हैं ?
आप जानी-पहचानी लगती हैं ? मैं ग्रीनवुड में
रहता हूँ। मैं कॉर्पोरेट जगत का हैड हौंचो हूं। मैं अनममैरिड हूँ क्या आप मुझे
अपना लाइफ पार्टनर बनाएँगी?
नायिका: कुछ अपने बारे में बताइये ? आपने तो सीधे डंडा सा मार दिया!
नायक1: जी हमें कॉर्पोरेट वर्ल्ड में
टाइम मैनेजमेंट सिखाया जाता है। बायोमेट्रिक के चलते अब तो एक एक मिनट कीमती है।
देखो मैं तुम्हें वर्ल्ड टूर पर साल में दो-तीन बार ले जाया करूंगा। मैंने बहुत से
फ्रीकुएंट ट्रेवलर पॉइंट जोड़ लिए हैं। खूब शॉपिंग कराऊंगा। यहाँ तक कि मेरी कंपनी
के प्रोडक्ट भी तुम्हें मेक्सिमम डिस्काउंट पर दिलाया करूंगा। वीकेंड पर हम दिल्ली
जाकर भी घूम सकते हैं। तुम चाहो तो महीने में दो किटी पार्टी करो, चार किटी पार्टी करो, नो प्राॅब्लम! सोच लो!! आज की
तारीख में कॉर्पोरेट वालों की बहुत डिमांड है। आधी ज़िंदगी तो वो टूर या
मीटिंगों में ही बिज़ी रहते हैं अतः तुमको
क्या बोलते हैं उसे ‘माई स्पेस’ ‘माई प्राइवेसी’ भी मिल जाया करेगी। प्लीज़ मैरी
मी। [ एक्ज़िट ]
नायक नंबर 2 का प्रवेश: (कैप लगाए, हाथ में बैटन) जयहिंद ! (सेल्यूट
मारता है) मैं फौजी हूँ कोई ऐरा-गैरा सिविलियन नहीं। हमेशा अनुशासन में रहता
हूँ। एकदम सफाई पसंद। मुझ से शादी करोगी तो सोचो कितना आराम ही आराम होगा। बैटमैन
क्या पूरी बटालियन तुम्हारा हुक्म माना करेगी। हर हफ्ते बड़ा खाना हुआ करेगा।
तुम्हें चौका-चूल्हा नहीं करना पड़ेगा। हर चीज़ सस्ती मिलेगी। बस तुम्हें हुक्म करने
की देर है। समझ रही हो ना मैं केंटीन की सुविधा की बात कर रहा हूँ। बस तुम मेरी सी.ओ. बन जाओ ? (फिर सेल्यूट एक्ज़िट)
नायक नंबर 3:
का प्रवेश हाथ में डंडा घुमाते हुए देसी अंदाज़ में
: मैडम जी विद ड्यू रिस्पेक्ट आई बैग टू से... आई केम टू नो यू वांट टू मैरी। अपनी
पूरे इलाके में धाक है जी। जूरीस्डिक्शन की आप फिकर नाॅट। ये सारे माॅल, रेस्टोरेन्ट जहां आप नज़र डालोगे वो आपकी नज़र होगा जी। आप तो यूं सोचो कि
आप ही आई.जी., कमिश्नर, सब हो। क्या
आदमी, क्या 'लेडिस' सब पर आपका रौब चलेगा, चलेगा क्या दौड़ेगा जी दौड़ेगा।
आप जिसे कहोगे उसे उठवा लिया जाएगा वो भी शुक्रवार की शाम को 48 घंटे उसकी ऐसी खातरदारी करेंगे ऐसी खातरदारी करेंगे कि वो आगे से बस
कीर्तन सत्संग करता ही दिखेगा। तुम एक बार अपना हाथ मेरे हाथ में देके तो देखो।
हाँ आपका वेट गारंटी बढ़ जाना है जी वो आप जानो। अच्छा चलता हूँ। एफ.वाई. आर. भिजवा
देना। नहीं समझे? फर्स्ट यस रिपोर्ट। बरामदगी तो हम करा ही लेंगे (एक्ज़िट)
नायक 4: (सूट
टाई कैप पाइप में प्रवेश) आप सब छोड़ो मादाम प्लीज़ मैरी मी। अपने
बैचमेट हर स्टेट, हर शहर में हैं वो सब आपकी
सेवा में रहेंगे। घोडा-गाड़ी की कभी कमी नहीं रहेगी। जो जरा भी चूँ करेगा उसको वहीं
कायदे से समझा दिया जाएगा। ऐसा उलझायेंगे, ऐसे उलझाएंगे कि
ज़िंदगी भर सुलझ नहीं पाएगा। बड़ी बड़ी पार्टियों में आप चीफ गेस्ट बनने की अभी से
प्रेक्टिस कर लो जी। बूके की लाइने लग जानी हैं। गिफ्ट्स की तो बरसात होने लगेगी।
आप तो यूं सोचो कि बिना इम्तिहान दिये आपने तो खुद आई.ए.एस. बन जाना है। आई.ए.एस.
बनने का सबसे आसान तरीका-- मैरी एन आई.ए.एस.
सबमिटिड फॉर एप्रूवल प्लीज़ (एक्ज़िट)
नायिका: वाट दि हैल ! आई डोंट वांट टू मैरी। सॉरी !!!
!!!
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