Ravi ki duniya

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Sunday, June 14, 2026

व्यंग्य: फर्ज़ी ब्रिगेडियर

 


खबर है कि एक नकली ब्रिगेडियर पकड़े गए हैं। वह नवयुवक मात्र 21 बरस का है। केवल वर्दी ही नहीं बल्कि उसके पास से नकली आई कार्ड, दो अदद बाउंसर, एक ड्राइवर जो था तो असली ड्राइवर मगर उसका आई कार्ड नकली था। एक हैरियर गाड़ी, सायरन, नकली पिस्तौल और रेजिमेंटल केन भी उसने कबाड़ राखी थी। बाकी जो है सो है, पर देखिये 21 बरस के बंदे ने रिसरच पूरी कर राखी थी। बारीक से बारीक। लोचा बस एक था कि वह 21 वर्षीय ब्रिगेडियर बना हुआ था जबकि फौज में उससे अधिक बरस की सिनियोरिटी के बाद कोई ब्रिगेडियर बनता है। यहाँ उससे चूक हो गयी। अब ये नहीं पता कि यह नकली ब्रिगेडियर बनके उसने क्या क्या लाभ उठाया।

 

पता ये भी चला है कि वह नीट में भी दो बार फेल हुआ है।  अब वह इतनी धन संपत्ति तो रखता था कि उसने वर्दी सिल्वा राखी थी, दो-दो बाउंसर जिन्हें वह एन एस जी कमांडो बताता था एक अदद महंगी कार और ड्राइवर। ऐसा समझो ये उसका इनवेस्टमेंट था अब इनवेस्टमेंट किया था तो कुछ तो रिटर्न भी रहा होगा। वह क्या था इसकी तफसील नहीं मिली है। वह अपने रेंक को खूब एंजॉय कर रहा था। यहाँ-वहाँ अपनी खातिर-तवज्जोह करा रहा था।

 

इतनी उम्र में उसे कैप्टेन बनाना था ना कि सीधे ब्रिगेडियर ही बन जाना था। जनरली ऐसे केस आते रहे हैं मसलन कोई नकली सिपाही बन जाता है या ज्यादा से ज्यादा दरोगा। इसी तरह नकली आयकर वाले क्षेत्र में भी या तो महज़ इंस्पेक्टर या हद से हद आयकर अधिकारी बन जाता है। जैसे फिल्मों में दिखाया जाता है नकली सी.बी.आई. अधिकारी। पर ब्रिगेडियर तो कुछ ज्यादा हो गया। अब ये हो सकता है कि उसने दोस्तों से कोई शर्त लगाई हो। भाई छोटे-मोटे रेंक और ओहदे वाले तो रोज़ ही कहीं ना कहीं पकड़े ही जाते हैं जैसे रेलवे के टी।टी। बन, टाई-कोट पहन रेल यात्रा कराते रहना। नकली विधायक, नकली रेलवे अधिकारी बन फ्री यात्रा करना। या रेलवे में नौकरी दिलाने की ठगी करना। शादी की मार्किट में ऐसे फ़्रौड खून चलन में हैं। मैं एक केस को जानता हूँ जहां लड़के (भावी दूल्हे) को स्टेडियम का मैनेजर बताया गया जबकि वह था डेली वेज वाला माली। कागजात नकली होते थे, बाद में पूरे के पूरे दफ्तर नकली, थाना, बैंक, कोर्ट सब नकली। आप इस-उस की डिग्री को नकली बताते फिरते हो यहा पूरा का पूरा ब्रिगेडियर ही नकली निकला। दुल्हन नकली निकाल रही है वह दूसरे दिन ही लूट-लाट के ये जा वो जा।

 

मार्किट में कितने नकली डॉ., नकली बाबा भरे पड़े हैं। यह देश है वीर मुन्ना भाईयों का, मुल्क में बंटियों का, बबलियों का बोलबाला है। बस अब तो  कसर ये रह गयी है कि कहीं संसार में कोई पूरा का पूरा मुल्क ही नकली ना निकल आए       

 

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