Ravi ki duniya

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Thursday, June 11, 2026

व्यंग्य : पत्नी की चप्पल और प्रेमी

 


 

पति बीवी की चप्पल की निगरानी करता रहा और बीवी प्रेमी की साथ फरार हो गयी। अब इसे आप क्या कहेंगे। मैं कहता हूँ समय रहते चप्पल वालों को ऐसी चप्पल बनानी चाहिए जिसकी निगरानी न करनी पड़े। अब या तो यूज़ एंड थ्रो चप्पल बनाई जाये। या फिर ऐसी चप्पल बनाई जाये जो पैर से उतारी ही न जा सके इससे क्या होगा कि न उतारणी पड़ेगी न निगरानी की ज़रूरत पड़ेगी। यह चप्पल उत्पादकों के लिए एक चेलेंज हैं नहीं तो देख लो आज ये उसकी बीवी कल किसी और की भी हो सकती है। दुनिया मेन प्रेम की नदी सूखी नहीं है और ना ही प्रेमियों की पतवार। बताया जाता है कि पति पत्नी अयोध्या मंदिर मेन दर्शन को गए थे। शायद यह तय पाया गया था कि पहले पत्नी दर्शन कर आए तब तक पति चप्पल की निगरानी करेगा। अब राहुल (पति) को यह अंदाज़ नहीं था कि इसी अयोध्या नरेश की पत्नी सीता मटा का अपहरण रावण ने छल से किया था। कभी गौतम बुद्ध अपनी पत्नी यशोधरा और पुत्र राहुल को रात को सोता छोड़ जंगल की तरफ चले गए थे और बुद्ध बन गए थे। यह राहुल तो रोते रोते अपने घर पर फोन से बता रहा था कि उसकी पत्नी तो चपलता से प्रेमी के साथ ये जा वो जा हो गयी और उसके हाथ रह गयी है तो बस उसकी चप्पल। अब वह नागरी नागरी द्वारे द्वारे चप्पल लिए ऐसे घूमेगा जैसे कहानी में सिण्ड्रेला की खोज में प्रिंस निकला करता था।

 

राहुल को यह बात तब पता चली जब आस-पास के लोगों ने हुलिया जांकर बताया कि इस महिला को एक नवयुवक के साथ जाते हुए देखा गया है। प्रेमी की सुनवाई अयोध्या जाकर हो गई। फ्यूचर प्रेमियों और उनकी विवाहिता प्रेयसियों के लिए एक मिसाल भी हो गयी है। अब टूर ऑपरेटर इसे भुना सकते हैं। इस प्रकार के प्रेमियों और उनकी प्रेयसियों के लियी विशेष पेकेज का ऐलान कर सकते हैं। पतियों को सावधान हो जाना चाहिए यदि पत्नी अयोध्या जाने कि ज़िद करे तो उनके कान खड़े हो जाने चाहिए, बेचारा पति किस किस से बचे, प्लास्टिक के नीले ड्रम से बचे या नॉर्थ ईस्ट के हिल स्टेशन की खाई से। इसी के चलते अब शादी ही अप्रांसगिक होती जा रही हैं यूं जो लीव-इन में रह रहे हैं उनकी भी क्या गति है। ना जाने कब में लिव-इन से डेड-आउट हो जाएँ कुछ पता नहीं। प्रेम के नाम पर इतने कांड प्रति दिन हो रहे हैं।  इस तरह के कांड शादी नाम की संस्था को मुंह चिढ़ा रहे हैं। इससे यह भी साबित होता है कि प्रेमी-प्रेमिका के लिए कुछ भी नामुमकिन नहीं। प्रेम में सब संभव है। यहाँ देखिये कैसे चप्पल ने प्रेमी को प्रेमिका से मिलवाया है और इसी चप्पल की जोड़ी ने पति-पत्नी की जोड़ी की वाट लगा दी। चप्पल महिमा अनंत है। यह चप्पल का अनोखा नया रोल है। फिल्म उपकार में जब लोगों में अभिनेता प्राण के नए अनोखे रोल की चर्चा फैली तो लोगों में भयंकर जिज्ञासा हुई फलस्वरूप टिकट खिड़की पर लोग टूट पड़े। यह कौन ब्रांड की चप्पल थी जी। राहुल को स्पष्ट करना चाहिया या फिर ‘पत्नी-कम-प्रेयसी को बताना चाहिए ताकि भावी प्रेमिकाओं का भी इस प्रकार अपने अपने प्रेमियों से मिलन हो सके। यह काम ज़ाहिर है मिनटों मे हो गया होगा जैसे अङ्ग्रेज़ी फिल्मों में रेसक्यू ऑपरेशन दिखाते हैं। अब राहुल यदि दोबारा घर बसता है तो मेरी राहुल को यह सलाह रहेगी कि अव्वल तो वह बीवी को लेकर अयोध्या क्या किसी भी मंदिर में न ले जाये। यदि मंदिर जाना ही पड़े तो चप्पल की निगरानी को ना बैठे ताकि चप्पल की जोड़ी जाती है तो जाये उसकी जोड़ी सलामत रहे। 

 

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